Friday, November 9, 2012

54.तनहाई



 आँखें फिर नम हुई 
 मन फिर  हूँआ   परेशान 
बात पहले भी कुछ नहीं थी 
बात आज भी कुछ नयी नहीं  है
मुखौटे  में  मुस्कुराता है हर चेहरा
लिये दिल में गज़ब  की तनहाई ।





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