Sunday, February 21, 2016

295.नब तुरिआ

घिट-पिट  घिट -पिट करे नब तुरिआ
बात -बात पर लरे  नब  तुरिआ

उलुल जुलूल मे परे नब  तुरिआ
अपने  ताले  नाचे नब तुरिआ

कहल मे नय केकरो नब  तुरिआ
लुत्ती पतंग बनल उरे  नब  तुरिआ

अनेर कतेक बर-बर  करे  नब  तुरिआ 
कखनो नय चुप रहे   नब तुरिआ 

सुनल कर कखनो अनको  नब  तुरिआ 
खसमै नय  त मुँहभरे नब तुरिआ


@बिनीता झा 

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