Thursday, January 14, 2016

275.नवाबी

छलकल गिलास बढ़ल रूबाब
नशा में बनल हम नवाब 
भांग गांजा अफीमं शराब 
मीत बनल हमर जनाब। 

उतरल नशा हेरायल खिताब
ऋण पैंईचक बढल दबाब 
पस्त भेल हिसाब किताब
बहि गेल सब नवाबी आब।

@ बिनीता झा

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