Sunday, November 30, 2014

190. बेटी

गीत गबैत नानी
बेटी घरक रानी


बनैथ बुझनुक ज्ञानी
मीठ बजैत वाणी


बनैत काजुल प्राणी
दान करैत चानी

रचैत नब कहानी
छोरैत अपन निशानी


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