Sunday, November 30, 2014

189.झूठ फ़ुइसक मान की

झूठ फ़ुइसक मान की
आगु आगु शान की

मिठगर बाजू तान की
कम बजने नुकसान की

बुधियार अहाँ आन की
झूठौ पसारने दोकान 
की

भुखल दुनिया अभिमान की
कोठी भरने  धान की

किरपन  देत दान की
नय  लागल भान की



बिनीता झा 

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