Wednesday, March 28, 2012
Tuesday, March 27, 2012
17.ना भुला पाती हूँ
अश्कों के चादर पर सोती हूँ
दिन के उजाले मे मुस्कुराती हूँ
ग़मों को धो कर पीती हूँ
ग़मों को धो कर पीती हूँ
जिंदगी रफ़्तार से चलती है
पर एहसासों को न भुला पाती हूँ
पर एहसासों को न भुला पाती हूँ
दुनिया की हर बात
तो समझा ली मैंने दिल को
तो समझा ली मैंने दिल को
पर उनका यह कहना
."नI तुम समझ पाओगी ,नI कोई समझ पायेगा तुझको "
चुभ गयी दिल मे ।
क्या करू शिकायत ,
किस से करू ....................
किस से करू ....................
Wednesday, February 8, 2012
Tuesday, February 7, 2012
16.कभी सवेरा न हो
तकलुफ़ न कर ,लुफ्त उठा
जिंदगी है ,जी ले जी भर के
कल की सुबह हो न हो
पर आज तो तेरा है
बसजा आके मेरी रग रग में
की कभी सवेरा न हो।
बिनीता झा
बिनीता झा
Wednesday, February 1, 2012
15.कोशिश
कोशिश तँ बड्ड केलहुँ अहाँकेँ मनेबाक
अहाँ नै मानलहुँ चलि गेलहुँ रूसि कए
कतेक दिन रूसल रहब देखबाक अछि हमरा
अहाँ कतेक परीक्षा चाहब देखबाक अछि हमरा
जँ नै घुरि सकलहुँ हम तँ पाएब हमरा ओतहि बैसल
जतए छोड़ि गेल रही अहाँ हमरा बाट निहारबाक लेल।
बिनीता झा
Thursday, January 26, 2012
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