Wednesday, February 1, 2012

15.कोशिश


कोशिश तँ बड्ड केलहुँ अहाँकेँ मनेबाक

अहाँ नै मानलहुँ चलि गेलहुँ रूसि कए

कतेक दिन रूसल रहब देखबाक अछि हमरा

अहाँ कतेक परीक्षा चाहब देखबाक अछि हमरा

जँ नै घुरि सकलहुँ हम तँ पाएब हमरा ओतहि बैसल


जतए छोड़ि गेल रही अहाँ हमरा बाट निहारबाक लेल।



बिनीता झा 


No comments: