हसीन वक्त का लिये रोशनी दिल में
अंधेरी रातों में हम उजाला ढूंढ लाते हैं
कानो में गुंजती है दिलकश आवाज उनकी
मुग्ध हो उनमें हम सर्वस्व लूटाते हैं
दुर वो कोशो क्यों ना हो हमसे
दिल के बहुत करीब उन्हें सदा पाते हैं
जब बहती है मदमस्त पवन
हम उससे लिपट खुश हो जाते हैं
दुनियाँ कहती है अगर प्यार इसको
तो हम भी प्रेम रस में नहाते हैं।
@बिनीता झा
अंधेरी रातों में हम उजाला ढूंढ लाते हैं
कानो में गुंजती है दिलकश आवाज उनकी
मुग्ध हो उनमें हम सर्वस्व लूटाते हैं
दुर वो कोशो क्यों ना हो हमसे
दिल के बहुत करीब उन्हें सदा पाते हैं
जब बहती है मदमस्त पवन
हम उससे लिपट खुश हो जाते हैं
दुनियाँ कहती है अगर प्यार इसको
तो हम भी प्रेम रस में नहाते हैं।
@बिनीता झा
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