Sunday, March 27, 2016

321.रुपैया

बढ अनमोल रुपैया 
करे अनघोल रुपैया

खोले पोल बहुतक 
खूब नचाबे रुपैया 

गोल मटोल बाबू  
खूब खनकाबे रुपैया


पहीर खोल स्वार्थक 
तोलमोल करे रुपैया 

निर्धन ढोल बजाबे
अमीरक शान रुपैया 

  

@बिनीता झा 

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