Sunday, May 12, 2013

107.माँ

तोहर फुलवारिक हम फूल माँ
तोहर स्नेहक छी हम मूल माँ

तोहर छायाँ मे हम बिसरलहुँ स्वार्थ
तौहीं सिखैलाँ हमरा धैरजक पाठ

हमरा लै तौहीं करय छैँ सभ बात
हमरा कष्टकँ तू नित करय छैँ कात

तोहर चरण मे शीश झुकल अछि
तोहर ममता मे मोन डुबल अछि

तोहर ऋणी हम अहि जीवन मे
तोरासौँ सुन्नर ने क्यौ जीवन मे


बिनीता झा 

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