ठामे सब रहि जाएत
अरजल संग नहि जाएत
माया मोह ठामे रहत
एकदिन सब असगर जैत ।
नोर मोती बनि झहरत
समयक पहिया चलिते रहत
आइ ,काल्हि मे बदलत
सद्गुण टा रहि जाएत ।
@बिनीता झा
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