Thursday, January 18, 2018

492.अरजल संग नहि जाएत

ठामे सब रहि जाएत

अरजल संग नहि जाएत

माया मोह ठामे रहत

एकदिन सब असगर जैत ।

नोर मोती बनि झहरत

समयक पहिया चलिते रहत

आइ ,काल्हि मे बदलत

सद्गुण टा रहि जाएत ।

@बिनीता झा

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