केकरा बुझाबी के की मालिक
बुझत कियैक कियों मालिक
दर्द से फाटल अपन सीना
कोनाके सीबु हमर मालिक
मिठगर बोली सीख नै सक्लो
सत्य त हरदम तीते मालिक
अहाँ से बेसी कियो की बुझत
सभक हित लेल अहाँ मालिक
वरदान दिय पार लागै नैया
स्वीकार करू नमन मालिक
बिनीता झा
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