Sunday, January 25, 2015

201. कागा

लाल गुलाब जे देखल कागा  

ढोहि करेज मे ऊठल  कागा  

हवा जे सिहकल धीरे धीरे  
केलक मोन के बेकल कागा   

गाम परल अछि हमरा मोन 
कुचरब सुनि छी हरषल कागा

अछि आँगन में सब कुशल ने 
ककरो सुधि नै भेटल कागा 

बैसल छी किछु किछु सुनबा लै 

सुनबै सबहक मंगल कागा

बिनीता झा 

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