के सुनैत अछि ककर बाबू
सब लागल ऐ ठा अपन भजयमे
मोह,माया,नेह सब झूठक बाबू
सभके सभ अपना दुनिया दारीमे
जँ बजलौं त' मुँहजोरक उलहन बाबू
लागल दुनिया आरोप प्रत्यारोपणमे
सब लागल अनका पर आंगुर उठाबै मे बाबू
बिसरल आंगुर त' चारिटा अपनों दिशामे
मोन परैत अछि अहाँक कहब बाबू
चाही दू टा हाथ थपड़ी बजबैमे
** बिनीता झा
सब लागल ऐ ठा अपन भजयमे
मोह,माया,नेह सब झूठक बाबू
सभके सभ अपना दुनिया दारीमे
जँ बजलौं त' मुँहजोरक उलहन बाबू
लागल दुनिया आरोप प्रत्यारोपणमे
सब लागल अनका पर आंगुर उठाबै मे बाबू
बिसरल आंगुर त' चारिटा अपनों दिशामे
मोन परैत अछि अहाँक कहब बाबू
चाही दू टा हाथ थपड़ी बजबैमे
** बिनीता झा
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