देखल आइ काइल्हक समाजक खेल
जोर जोरसँ बाजय बाला जीत गेल
देखू तनगर सभकँ बोलो
बकबक क' करत अनघोल
आगू आगू निश्चित बाजत
काजक बेरमे झटसँ भागत
नै लोकलाजसँ ओकर किछु मेल ...
मुसकी मारि खेलत सभ खेल
देखिते रहि जैत सभ ठाढ़े भेल
नित ठेंगा देखा ओ सभकें गेल
----- बिनीता झा
जोर जोरसँ बाजय बाला जीत गेल
देखू तनगर सभकँ बोलो
बकबक क' करत अनघोल
आगू आगू निश्चित बाजत
काजक बेरमे झटसँ भागत
नै लोकलाजसँ ओकर किछु मेल ...
मुसकी मारि खेलत सभ खेल
देखिते रहि जैत सभ ठाढ़े भेल
नित ठेंगा देखा ओ सभकें गेल
----- बिनीता झा
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