Thursday, January 3, 2013

79.देखू आइ एफबी परकँ खेल

 
 
देखू आइ एफबी परकँ खेल
भेष बदलि लोक अपन भेल
देखू खेलैत छथि कतेक खेल
बढबैत छथि अंजानसँ मेल
नाना तरहक छायाचित्र
नुकबैत अपन कायाचित्र
फसला जे क्यौ अहि जाल मे
नाश हुनक छन्हि अहि काल मे
सतर्क भए आजुक पीढ़ीकँ
बुझबाक चाही सब चालिकँ
राखैत डेग सम्हारि कए निश्चित
कल्याण हुनक तखनहिं टा अपेक्षित
बिनीता झा

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