Sunday, September 23, 2012

37.दहलीज़


यादों के मंदिर में बसर करने वाले
जब तक यादें रहेंगी जिंदगी आबाद रहेगी
जिस दिन यादों ने दहलीज़ पार कर ली
समझ लेना न हम रहेंगे न यादें मेरी.

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