Wednesday, February 8, 2012
Tuesday, February 7, 2012
16.कभी सवेरा न हो
तकलुफ़ न कर ,लुफ्त उठा
जिंदगी है ,जी ले जी भर के
कल की सुबह हो न हो
पर आज तो तेरा है
बसजा आके मेरी रग रग में
की कभी सवेरा न हो।
बिनीता झा
बिनीता झा
Wednesday, February 1, 2012
15.कोशिश
कोशिश तँ बड्ड केलहुँ अहाँकेँ मनेबाक
अहाँ नै मानलहुँ चलि गेलहुँ रूसि कए
कतेक दिन रूसल रहब देखबाक अछि हमरा
अहाँ कतेक परीक्षा चाहब देखबाक अछि हमरा
जँ नै घुरि सकलहुँ हम तँ पाएब हमरा ओतहि बैसल
जतए छोड़ि गेल रही अहाँ हमरा बाट निहारबाक लेल।
बिनीता झा
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