Wednesday, March 9, 2016

309.Preaching

Preaching is the easiest
Writing rattles inner wants
Reality unmatched.

@ Binita Jha 

Monday, March 7, 2016

308.कीमत ना कभी लगा

किस्मत को ना तोल 

कीमत ना कभी लगा 

पल जो है अनमोल 

उनको यूँ ना गवा 

समय रहते आँखे खोल 

अँधेरे को दूर भगा 

दुःख का ना बजा ढोल 

कर्त्तव्य अपना नित निभा 

वाणी में ना रख झोल  

मुस्कुरा के जी सदा 

@बिनीता झा 

307.मुक्त मिलन



रंग बिरंगी बगियाँ जीवन 
फूल और शूल दोनों पथ में  
फिर सन्नाटा सफर का अंत 
मुक्त मिलन रचैता से बिनी 


@बिनीता झा 

306.अडिग विश्वास रख उनमें

कड़वे  अनुभवों को 
आओ मीठा कर ले 
उनसे मिली सीख से
आज को बेहतर कर ले I 

नहीं मिलता यहाँ 
कुछ  रोने से 
फिर भी रोले 
दिल हल्का कर ले I

अंगारो से भरा 
क्यों ना हो पथ बेशक 
न करे किसी से कोई शिकायत 
बस अपने पथ पर चलतै रहे I

दिया है जीवन दान जिसने 
अडिग विश्वास रख  उनमें   
पार लगायेंगे वो नैया 
जीवन के कठिन छण में   I 

@बिनीता झा 

305.हर हाल मे तेरा ख्याल है




ये क्या गजब की बात है 
हर हाल मे तेरा ख्याल है 
तेरी यादें  सता  रही है 
बेसब्र मुझको बना रही है 
मिलने को दिल तरप रहा है 
दीवाना मुझको बना रहा है 
हथेली पर सजा गुलाब है 
बिछड़ा पल रुला रहा  है 
हर पल खवाब दिखा रहा है
करीब तुझको बुला रहा है


@बिनीता झा 

304.The Train of Life

The Train of Life
Speeds on its  track .
Reflecting at its journey.

Halts and stations,
Many it has had;
With people
Boarding and departing
Leaving behind
The warmth of their presence.

This train continues to roll
With several stations
Still to cross.
 One day it will rest
In the sanatorium of its yard
Having completed its run.

It will meet HIM
Who placed the keys
In his palm with complete trust.

@Binita Jha


Sunday, March 6, 2016

303.Benevolence (Haiku)

In prayer we stand
Seeking the benevolence
Of the Merciful.

@Binita Jha