Saturday, December 2, 2023

जय जय जय दिणमनी दिनराज

जय जय जय दिणमनी दिनराज
रत्न जटित शिर मुकुट विराजित
कच कुंचित शुभ भज 
रजए करवर कमल मनोहर
तेज्पुनज गृह - ईश
विश्व चलू जग आनन्द दायक
कर प्रकाश  दस दीश ll
शोभित अरूण सारथी जहि रथ
एकाह चक्र चक्रर टिचित्र l
सेवक अखिल मनोरथ पुरक 
जयती प्रभाकर  मित्र l
विश्वनाथ सेवक टुड्ड कर जोड़ी विनती वारंवार
 भए प्रसन्न मेटीअ भव सक्कट तारिअ परिवार प्राचीन लटसँ

विश्वनाथ झा बलाजी 


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