Saturday, February 11, 2017

396. बेहाल

सब नेताक गोटी लाल
कहत लेकिन, छी बेहाल।

नाचत सदिखन अपने ताल
कहत लेकिन, छी बेहाल।

फुईसक बिछाऊत नबका जाल
कहत लेकिन, छी बेहाल।

कर्मठ तेहन सूतल साले-साल
कहत लेकिन, छी बेहाल।

भरैत जेबी सालक साल
कहत लेकिन, छी बेहाल।

कल जोड़त वोटिंग काल
बाकी दिन, करत बेहाल।

नेता तोहर मस्त चाल
बुझल सबके के माला-माल।

@बिनीता झा

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