दीया बातिक मेला देखल
बजारमे ठेलम ठेला देखल
खूब सजल हाट बजार
घूमय निकलल लोक हजार
पर की कहू लोकक हाल
महगाइ मचौलक खूब धमाल
जेबी निचोरि सभके पटकलक
देखा गेल जोरगर झलक
नोरे झोरे सभके कना
अपने देखू हँसल ठठा
बिनीता झा
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