Sunday, February 3, 2013

85. हौसला

बुझता  चिराग आज फिर से जगमगाया
चंद शब्दों में  जब तेरा पैगाम आया
देखि बुलंदी मैने  आज उसके क़दमों में 
हौसला जो आज तूने  उसका बढाया

आज फिर मैंने  देखा उसको चहकते
आज फिर थे उसने  कई ख्वाब सजाये
तेरे साथ ने दी उसको हिम्मत
आज फिर वह  खिल कर मुस्कुराई

जब तहे दिल से तुमने उसको अपनाया
उसने फिर अपना खोया विश्वास पाया
यु तो करते है लोग बातें बहुत दिलासा भरी 
पर हौसलाए  हिम्मत  उसने सिर्फ तुम से पाया

बिनीता झा
 

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